सब कुछ रिस्की है: जीवन में जोखिम की अनिवार्यता और अध्यात्म का दृष्टिकोण
हर्षद मेहता के जीवन पर बनी वेब सीरीज़ ‘स्कैम 1992’ का एक डायलॉग बहुत चर्चित हुआ था- “रिस्क है तो इश्क़ है।” यदि हम उस पूरी वेब सीरीज़ या हर्षद…
धर्म का मार्ग, देश का विकास
संपादक की कलम से पाठको के लिए लेख।
हर्षद मेहता के जीवन पर बनी वेब सीरीज़ ‘स्कैम 1992’ का एक डायलॉग बहुत चर्चित हुआ था- “रिस्क है तो इश्क़ है।” यदि हम उस पूरी वेब सीरीज़ या हर्षद…
न्यायपालिका भारतीय संविधान व्यवस्था का तीसरा स्तंभ है। सब जगह से हारने के बाद व्यक्ति के पास अंतिम अवसर न्यायपालिका के दर पर जाने का ही होता है और न्यायपालिका…
बदलते समय के साथ तकनीकों का उदय। पैसो और मुद्राओं का लेन-देन अगर दिमाग में आता है तो इसके लिए सबसे जरूरी चीज होती है एक बैंक। और अगर बैंक…