परासिया (छिंदवाड़ा), 11 जुलाई 2026: कोयलांचल क्षेत्र परासिया के इतिहास में पहली बार भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी नगर भ्रमण पर निकलने वाले हैं। इस्कॉन (ISKCON) द्वारा आयोजित की जा रही इस ऐतिहासिक जगन्नाथ रथ यात्रा (Jagannath Rath Yatra Parasia 2026) को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल है। उत्सव में अब केवल 6 दिन शेष हैं और आयोजन समिति ने अपनी सभी प्रशासनिक व लॉजिस्टिक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।
अंतिम रूपरेखा के लिए हुई महत्वपूर्ण बैठक

रथ यात्रा के सफल संचालन को लेकर हाल ही में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सुरक्षा, रूट मैनेजमेंट और सेवा कार्यों की अंतिम रूपरेखा तय की गई। इस बैठक में आयोजन को भव्यता देने और डिजिटल रूप से पूरे क्षेत्र तक पहुँचाने के लिए संस्कृति और सनातन विचार मंच ‘भारत की वाणी’ (bharatkivaani.com) के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। बैठक की तस्वीरों में प्रबुद्ध जनों का उत्साह साफ देखा जा सकता है, जो यह दर्शाता है कि इस बार परासिया का हर वर्ग अपनी संस्कृति को सहेजने के लिए कितना सजग है।
आज सिद्ध हनुमान धाम कोशमी में आमंत्रण, नगर में लगातर जारी है प्रचार
रथ यात्रा की सूचना जन-जन तक पहुँचाने के लिए नगर में युद्धस्तर पर प्रचार-प्रसार (प्रचार) का कार्य चल रहा है। परासिया और चांदामेटा के प्रमुख चौराहों पर आकर्षक फ्लेक्स और होर्डिंग्स लगाए जा चुके हैं। इसी कड़ी में आज शनिवार, 11 जुलाई 2026 को इस्कॉन और ‘भारत की वाणी’ की संयुक्त वालंटियर टीम कोशमी हनुमान धाम का दौरा करेगी। यहाँ दर्शन के लिए आने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं को रथ यात्रा का आमंत्रण पत्र देकर इस ऐतिहासिक उत्सव में शामिल होने का आह्वान किया जाएगा।
जनता का मिल रहा है अपार सहयोग
परासिया के इतिहास में पहली बार हो जगन्नाथ रथ यात्रा के आयोजन को लेकर स्थानीय व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और आम जनता में अभूतपूर्व उत्साह है। नगरवासी लगातार दान, भंडारे की सामग्री और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के माध्यम से इस यात्रा को सफल बनाने में अपना निस्वार्थ योगदान दे रहे हैं।
यह भी पढ़े: श्रीकृष्ण की लीलाएं, सत्यभामा और पारिजात पुष्प: जब एक फूल के लिए इंद्रलोक में हुआ महासंग्राम
रथ यात्रा का समय और भव्य मार्ग
दिन और दिनांक: 17 जुलाई 2026, शुक्रवार
समय: दोपहर ठीक 1:00 बजे से (रथ खींचने का शुभारंभ)
निर्धारित मार्ग: यह भव्य रथ यात्रा चांदामेटा के प्रसिद्ध श्री सिंहवाहिनी दुर्गा मंदिर से प्रारंभ होगी। इसके बाद मंगली बाज़ार, साईं मंदिर, जी.एम. ऑफिस, अंबेडकर चौराहा, गुरुद्वारा और बस स्टैंड होते हुए श्री शिव मंदिर, परासिया पर समाप्त होगी।
महाप्रसाद वितरण के साथ होगा समापन
यात्रा के समापन पर परासिया बस स्टैंड के पास स्थित श्री शिव मंदिर में भगवान जगन्नाथ को छप्पन भोग लगाने के उपरांत विशाल महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा।
आयोजन समिति और डिजिटल मीडिया सहयोगी ‘भारत की वाणी’ ने सभी धर्मप्रेमियों से अपील की है कि वे शुक्रवार 17 जुलाई को दोपहर 1:00 बजे अपने परिवारों के साथ चांदामेटा पहुँचें और भगवान जगन्नाथ के रथ की डोरी खींचकर परम पुण्य के भागीदार बनें।
यह भी पढ़े: क्या अंतरजातीय विवाह धर्म विरुद्ध है? जानिए वेदों और इतिहास का छिपा हुआ सच